गृह मंत्रालय ने 6 अगस्त को राज्यसभा में बताया कि यह संख्या फिलहाल अस्थायी है, लेकिन यह साफ दिखाती है कि क्लाइमेट रिलेटेड डिसऑर्डर के प्रति भारत की नाज़ुक स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि वह आपदाओं से जुड़े आंकड़े खुद इकट्ठा नहीं करता, बल्कि इसके लिए राज्यों पर निर्भर रहता है
